बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) कांग्रेस पार्टी के ने भवन के लिए कांग्रेस द्वारा पुराने बस स्टैंड वाला रिक्त किंतु बेशकीमती शासकीय भूमि के लिए आवेदन किए जाने पर एस डी एम ने 22 फरवरी तक दावा आपत्ति पेश करने सार्वजनिक सूचना जारी करने के बाद भाजपा के दो पार्षदों दुर्गा सोनी और रंगानादम ने आज एस डी एम कोर्ट में आपत्ति प्रस्तुत कर उक्त जमीन का आबंटन नही किए जाने का अनुरोध किया है ।

पुराना बस स्टैंड बस डिपो में मौजूद बेशकीमती जमीन खसरा नंबर 574/1फ और 579/ 2 से 35,853 वर्ग फीट जमीन को कांग्रेस भवन के निर्माण हेतु

आवंटित करने का आवेदन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर शुक्ला ने किया है। कांग्रेस सत्ता में आने के बाद से ही जमीन की तलाश में लगी थी, उनकी नजर पुराने बस स्टैंड की जमीन पर पड़ी तो कांग्रेस नेता ने आबंटन के लिए विधिवत आवेदन कर दिया ।आवेदन पर बिलासपुर एस डी एम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर दावा आपत्ति पेश करने संबन्धितो से कहा था ।
बताया जा रहा है कि यहां जमीन की कीमत 30,000 रु प्रति वर्ग फिट है । ऐसे प्राइम लोकेशन पर 35,853 वर्ग फीट जमीन की कीमत एक अरब से भी अधिक है। इस संबंध में इश्तेहार प्रकाशन के पश्चात भाजपा पार्षद दुर्गा सोनी एवं रंगा नादम ने इस मामले में तहसीलदार न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराई दी है। जूना बिलासपुर स्थित खसरा नंबर 574 /1फ और 579/2 की जमीन को कांग्रेस भवन निर्माण हेतु आवंटित किए जाने पर आपत्ति करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि घनी आबादी और व्यवसायिक क्षेत्र में होने की वजह से इस स्थान का उपयोग कई और प्रयोजन से किया जा सकता है। पूर्व में भी इस जगह का उपयोग मल्टी लेवल पार्किंग के लिए किए जाने की घोषणा की जा चुकी है। वर्तमान में भी इस स्थान पर व्यवसायिक काम्प्लेक्स या ऑडिटोरियम बनाकर नगर निगम की आय बढ़ाई जा सकती थी । इतनी बेशकीमती जमीन का उपयोग एक राजनीतिक दल के कार्यालय निर्माण के लिए किए जाने पर आपत्ति करते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया गया है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस को अपना कार्यालय बनाने के लिए शहर के बाहरी इलाकों में भी शासकीय भूमि आवंटित की जा सकती है, लेकिन ऐसा करने की जगह पुराना बस स्टैंड स्थित बहुमूल्य जमीन को कांग्रेस को देने की गुपचुप तैयारी कर ली गई है। तहसीलदार कार्यालय में भाजपा नेता दुर्गा सोनी और रंगानादम ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है ।हालांकि सत्तारूढ़ दल होने की वजह से उम्मीद बहुत कम है कि इस आपत्ति पर किसी तरह का गौर किया भी जाएगा, लेकिन भाजपा नेताओ ने इसके खिलाफ कोर्ट जाने का मन बना लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *